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कार्टून पत्रकारिता का उभरता हुआ माध्यम

  कार्टून पत्रकारिता , जिसे कॉमिक पत्रकारिता के रूप में भी जाना जाता है , कॉमिक्स और इंटरैक्टिव प्रारूपों के माध्यम से गैर-काल्पनिक विषयों को चित्रित करने के लिए कलाकारों और पत्रकारों के बीच एक सहयोगात्मक प्रयास है। यह दृष्टिकोण समाचार और सूचना के वितरण को अधिक आकर्षक और सुलभ बनाकर बढ़ाता है। चुनाव के दौरान , तर्क और दृष्टिकोण प्रस्तुत करने के लिए इंटरनेट समाचार कार्टून का उपयोग किया गया था। इन कार्टूनों ने वैकल्पिक संचार स्थानों के रूप में कार्य किया , राजनीतिक चर्चाओं में कार्टून पत्रकारिता की भूमिका और व्यापक दर्शकों तक पहुँचने की इसकी क्षमता पर प्रकाश डाला एच. अर्न्टसेन , 2010. सुपरमैन कॉमिक्स के विश्लेषण ने प्रिंट पत्रकारिता के भविष्य और मीडिया कंपनियों के बहुराष्ट्रीय समूहों में परिवर्तन के बारे में चर्चाओं को जन्म दिया है। ये चर्चाएँ इस बात पर जोर देती हैं कि कार्टून पत्रकारिता किस तरह से उभरते मीडिया परिदृश्य और पारंपरिक प्रिंट मीडिया के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में जानकारी दे सकती है एन. क्लेना , 2014. कार्टूनिस्ट गोंजालो रोचा आधुनिक पत्रकारिता में कार्टून पत्रकारि...

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  Disclaimer Last updated: March 22, 2025 Interpretation and Definitions Interpretation The words of which the initial letter is capitalized have meanings defined under the following conditions. The following definitions shall have the same meaning regardless of whether they appear in singular or in plural. Definitions For the purposes of this Disclaimer: Company (referred to as either "the Company", "We", "Us" or "Our" in this Disclaimer) refers to shrimedia. Service refers to the Website. You means the individual accessing the Service, or the company, or other legal entity on behalf of which such individual is accessing or using the Service, as applicable. Website refers to shrimedia, accessible from https://shriprakashp.blogspot.com/ Disclaimer The information contained on the Service is for general information purposes only. The Company assumes no responsibility for errors or omissions in the contents of the Service. In no...

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रेडियो का आविष्कार एवं विकास

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  आधुनिक संचार क्रान्ति में रेडियों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है रेडियो राष्ट्र की प्रगति का प्रमाणित जाख्यंता है यह राष्ट्र का दर्पण है रेडियो की अपनी विशिष्टता है रेडिया ने संचार की दुनिया में विशेष रूप से समाचार जगत में क्रान्ति ला दी है। उपग्रह तथा आधुनिक संचार तकनीक ने रामाचार ने दूरी तथा समय के अन्तर को पार कर दिया है। रेडियों के माध्यम से हमारे जीवन में सुचनाओं का विस्फोट हो रहा है उपग्रहों द्वारा प्रेषित सम्वाद रेडियो द्वारा सुना जा सकता है। रेडियो अपनी प्रकृति में मुद्रण तथा श्रव्य दृष्टि दोनों ही माध्यमों से भिन्न है रेडियो की भिन्नता उसकी भाषा संदर्भ में व्यक्त होती है श्रव्य माध्यम होने के कारण रेडियों के कार्यक्रम केवल सुने जा सकते है। अतः उसकी भाषा का वैशिष्टय अलग तरह का होता है। या तो में कहा जाय कि उसे अलग तरह से प्रस्तुत किया जाना सम्भव होता है। इस कारण यह भी कहा जा सकता है कि रेडियो कि भाषा उसकी अपनी भाषा है। तकनीकी दृष्टि से रेडियो ध्वनियों का प्रसारण करता है। अतः जब हम जन संचार के क्षेत्र में केवल ध्वनियों के हमसे प्रदेश करते है तो श्रोताओं के मन में एक कल...

देश के किसानों के हालात में सुधार के लिए कौन बनेगा उनका गांधी?

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अहिंसा के पुजारी वो, जुल्मों के खिलाफ आँधी थे माँ भारती की संतान वो, बापू महात्मा गाँधी थे। ‘महात्मा’ यानी ‘महान आत्मा’। एक साधारण से असाधारण बनने वाले भारत के सपूत मोहन दास करमचंद गाँधी को रवींद्रनाथ टैगोर ने चंपारण सत्याग्रह के दौरान ‘महात्मा’ की उपाधि दी। वैसे तो अनेक नेताओ ने अंग्रेजी शासन की नींव पहले से हिला रखी थी, लेकिन स्वतंत्रता संग्राम में गांधी के आगमन मात्र से ब्रिटिश हुकूमत काँप गई थी। मातृभूमि के लिए अथक प्रयास से भारत माता को स्वतंत्रता की सुगन्ध प्राप्त हुई थी। दक्षिण अफ्रीका में बैरिस्टरी करते हुए अंग्रेजों के विरुद्ध आवाज उठाने वाले भारतीय मोहन दास करमचंद गाँधी ने जब पहली बार खुद पर अंग्रेजों के द्वारा काले-गोरे के बीच होने वाले बर्बरतापूर्ण व्यवहार को झेला। उसी वक़्त उन्होंने ठान लिया था कि वे इस मंशा को बदलने के लिए आवाज उठाएंगे। 1915 में वह दक्षिण अफ्रीका से हिंदुस्तान लौटे। 1917 में चंपारण के राजकुमार शुक्ल ने लखनऊ जाकर महात्मा गांधी से मुलाकात की और चंपारण के किसानों को इस अन्यायपूर्ण प्रक्रिया से मुक्त कराने के लिए आंदोलन का नेतृत्व करने का अनुरोध किया। गांध...